बच्चों का वजन बढ़ाने के लिए 10 मुख्य आहार

बच्चों का वजन बढ़ाने के लिए 10 मुख्य आहार

अधिकांश माता-पिता की चिंता का मुख्य कारण उनके बच्चों का वजन न बढ़ना है लेकिन उन्हें कुछ  अन्य महत्वपूर्ण बातें भी अपने ध्यान में रखनी चाहिए।उन्हें बच्चे के आहार को संतुलित व पौष्टिक बनाने पर ध्यान देना चाहिए। बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए उनके आहार में पोषक तत्व ,विटामिन व लवण होने चाहिए।

 शारीरिक क्रियाएं भी शिशुओं के संपूर्ण विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। और जिस प्रकार वे बड़े होते जाते हैं माता-पिता उनके उचित दैनिक दिनचर्या में तैराकी ,साइकिल चलाना या व्यायाम आदि को शामिल कर सकते हैं।




बच्चों का वजन बढ़ाने के कुछ मुख्य आहार:

माँ का दूध (Breastmilk)

माँ का दूध लाखों जीवित कोशिकाओं से बना होता है जो अंगों के विकास में सहायक है और इसमें उपस्थित प्रोटीन शिशु के मस्तिष्क को विकसित और सुरक्षित रखता है। माँ के दूध में विटामिन और लवण होते हैं जो दांतो और हड्डियों के विकास में सहायक हैं। इसमें अमीनो एसिड, 40 से अधिक एंजाइम होते हैं जो बच्चों के पाचन व आयरन के संश्लेषण में सहायक हैं। Oligosaccharides, antibodies, 1000 से अधिक micro RNA की उपस्थिति होने से बच्चों के लिए माँ का दूध सभी आहारों में से महत्वपूर्ण व सर्वोत्तम आहार है।

 केला (Banana)

बच्चों को नियमित रूप से केला खिलाया जा सकता है। यह बच्चों का वजन बढ़ाने के साथ शक्ति भी देता है यह मीठा व स्वादिष्ट होता है जिससे बच्चों को यह बहुत पसंद आता है। केले में पोटेशियम विटामिन बी, सी, बी12 भरपूर मात्रा में होता है। 6 माह से अधिक के बच्चों को केला प्युरे के रूप में दिया जा सकता है।

शकरकंद (Sweet Potato)

शकरकंद को बच्चों के प्राथमिक आहार के रूप में दिया जा सकता है। यह 6 माह से अधिक के बच्चों को प्युरे बनाकर खिला सकते हैं। शकरकंद में फाइबर, मैग्नीशियम, पोटेशियम, विटामिन B6 व प्रचुर मात्रा में विटामिन ए विटामिन सी पाया जाता है। बड़े बच्चों को शकरकंद की खिचड़ी व सूप बनाकर दे सकते हैं।

ओट्स (Oats) 

इसमें प्रचुर मात्रा में मैग्नीज, मैग्नीशियम ,थायमीन व फास्फोरस होता है। 9 माह से अधिक के बच्चों को ओट्स की दलिया व पैन केक बनाकर दे सकते हैं।

एवोकाडो (Avocado)

यह बच्चों के लिए महत्वपूर्ण आहार है ।यह 6 माह से अधिक के बच्चों को प्युरे के रूप में व 1 साल से अधिक के बच्चों को मिल्कशेक और स्मूदी के रूप में दिया जा सकता है।

रागी (Ragi/Finger Millet) 

बच्चों का वजन बढ़ाने के लिए रागी सबसे अच्छा विकल्प है। इसमें फाइबर, प्रोटीन, विटामिन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है ।रागी का पाउडर बनाकर इसे दूध, दलिया ,डोसा व इडली के साथ मिक्स करके दिया जा सकता है। रागी हम 6 महीने से बच्चों को देना शुरू कर सकते हैं, रागी मॉल्ट के रूप में।

अंडे (Eggs)

8 माह से अधिक के बच्चों को अंडे खिला सकते हैं। पहले बच्चे को अंडे का पीला हिस्सा ही खिलाए जब बच्चा 1 साल का हो जाए तब उसे अंडे का सफेद हिस्सा खिलाया जा सकता है। अंडे प्रोटीन से भरपूर होते हैं। अंडों की भुर्जी, पैन केक, उबालकर चावल के साथ खिलाया जा सकता है।

दही (Curd)

दही विटामिन, कैल्शियम, थायमीन, मैग्नीशियम, प्रोटीन, फास्फोरस व राइबोफ्लेविन का अच्छा स्रोत है। बच्चे दही आसानी से पचा लेते हैं ।8 से 9 माह के अधिक के बच्चों को दही दिया जा सकता है।

घी (Clarified Butter)

घर का बना घी बच्चों का वजन बढ़ाने का अच्छा स्रोत है। घी 6 महीने से ज्यादा के बच्चों को दिया जा सकता है।

सूखे मेवे (Dry Fruits)

सूखे मेवे जैसे बादाम ,पिस्ता, काजू, अखरोट आदि को भूनकर और पीसकर लगभग सभी प्रकार के भोजन में मिलाकर 9 माह से अधिक के बच्चों को दिया जा सकता है।




कुछ ध्यान रखने योग्य बातें:

  1. बच्चे के माता - पिता को बच्चे के वजन बढ़ाने पर ही नहीं बल्कि उसके आहार को संतुलित व पौष्टिक बनाने पर भी ध्यान देना चाहिए।
  2. बच्चों को जब भी कुछ नई चीज़ खिलाएँ तो उसे लगातार ३ दिन तक वही खिलाएँ ताकि पता चल सके की बच्चे को उससे कोई ऐलर्जी (Allergy) तो नई हो रही है|
  3. बच्चे का वजन अनुवांशिकी (Genetics) पर भी निर्भर करता है ऐसा हो सकता है कि बच्चे की सारी विशेषताएं उसके माता-पिता के जैसी ही हो।
  4. यदि बच्चा सक्रिय (Active) है और ठीक से खाना खाता है तो आपको उसके वज़न को लेकर चिंता नहीं करनी चाहिए।

Please Note: We are not medical practitioners, hence the information in the video should not be used as a substitute for the medical care and advice of your doctor. There may be variations in treatment that your doctor may recommend based on individual facts & circumstances.







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