बच्चों को कला सीखने से होने वाले 8 अद्भुत लाभ

🎻कला का महत्व 

कला का मनुष्य के जीवन में एक विशेष महत्व है। कला का अर्थ केवल चित्रकला से नहीं बल्कि इसमें चित्रकला के साथ नृत्य ,गायन, वादन, मूर्तिकला आदि अनेक कलाओं को सम्मिलित किया जाता है। कला को व्यक्त करने के लिए शब्दों की आवश्यकता नहीं होती बल्कि इसे रचनात्मक भावों के द्वारा व्यक्त किया जाता है। प्रत्येक बच्चे के मन में कुछ स्वतंत्र भाव होते हैं, जिन्हें वह कला के माध्यम से व्यक्त कर सकता है। कला के अध्ययन से बच्चे पढ़ाई में होने वाली बोरियत को दूर करके अपने समय को मज़ेदार बना सकते हैं। कला से बच्चों का मनोवैज्ञानिक विकास तो होता ही है, साथ ही मानसिक विकास भी होता है | कला बच्चों में सकारात्मक चरित्र (positive character) के सार (essence) को प्रेरित करती है।



कला से होने वाले लाभ इस प्रकार हैं:-



(1)रचनात्मक सोच की क्षमता को प्रेरित करना :-
अध्ययनों से पता चला है कि सीखने की कला बच्चों को कुछ अलग हटकर सोचने में मदद 
करती है जिससे कि वह नई खोज कर सकें। कला के माध्यम से बच्चे अपने विचारों को और अच्छे से व्यक्त कर पाते हैं।

(2)ध्यान केंद्रित करने व निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि करना :-

कला बच्चों को अपने कार्यों में ध्यान केंद्रित करने के साथ ही उनकी आलोचनात्मक विचार करने की क्षमता व निर्णय लेने की क्षमता को भी बढ़ाती है। इससेेे बच्चे जल्दी प्रतिक्रिया देतेे हैं, व उनकी दूरदर्शिता में भी सुधार आता है।

(3) मानसिक शक्ति में वृद्धि करना :-

कला से बच्चों की सोचने की क्षमता ,देख के सीखने की क्षमता, बुद्धि स्तर में विकास होता है। साथ ही इससे कल्पनाशीलता एवं एकाग्रता भी बढ़ती है।

(4)धैर्य व समर्पण की भावना का विकास :-

कला के किसी भी रूप को सीखने के लिए नियमितता (regularity) , ध्यान लगाने(focus) और अनुशासन (discipline) की आवश्यकता होती है। नियमित अभ्यास करने से आपके बच्चे में धैर्य शीलता (patience) का गुण आता है।

(5) आत्मविश्वास में वृद्धि :-

जब आप अपने बच्चे की उपलब्धियों पर उसकी प्रशंसा करती हैं, तो उसमें आत्मविश्वास की भावना पैदा होती है। शुरू में बच्चों की प्रशंसा जरूर करनी चाहिए, जिससे उनमें आत्मविश्वास की भावना बढे।

(6)समन्वय व संतुलन में सहायक:-

विभिन्न कलाओं जैसे नृत्य सीखने से बच्चों के हाथों और पैरों की मांसपेशियों में सुधार होता है। जो कि बाद में तंत्रिका तंत्र के साथ समन्वय (coordination) व संतुलन(balance) बनाने में सहायक होती हैं। यह हाथ और आँख के समन्वय(hand eye coordination) में भी मदद करता है।

(7) व्यक्तित्व के विकास में सहायक:-

कलाओं का अध्ययन बच्चों के संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास में सहायक है।

(8) सामाजिक कौशल का विकास:-

इससे बच्चे समूह में कार्य (team work) के महत्व को समझते हैं और जिम्मेदार बनते हैं। वे कला के माध्यम से आसानी से अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं।



कला बच्चों के विकास में सहायक है व उनके संपूर्ण व्यक्तित्व को सही रूप भी देती है।

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