बच्चों को पर्याप्त नींद से मिलने वाले लाभ

😴 बच्चों के लिए रात की नींद क्यों आवश्यक है?

हम अक्सर सुनते हैं कि नींद हमारे लिए बहुत जरूरी है, लेकिन क्या कभी हमने ये समझने की कोशिश की है कि ये हमारे लिए इतनी महत्वपूर्ण क्यूँ है और क्या विशेषकर छोटे बच्चों के लिए पर्याप्त मात्रा में सोना आवश्यक है?



 बच्चों के लिए पर्याप्त नींद उतनी ही महत्वपूर्ण है जितना कि पौष्टिक भोजन और व्यायाम। पर्याप्त मात्रा में सोना बच्चों के मानसिक व शारीरिक विकास में सहायक है। बच्चे दिनभर व्यस्त रहते है। स्कूल जाना, दोस्तों के साथ खेलना, स्पोर्ट्स प्रैक्टिस करना, होमवर्क करना और भी बहुत सारे काम होते हैं जिनसे वे थक जाते है और उनके शरीर को आराम की आवश्यकता पड़ती है। पर्याप्त नींद से बच्चों के शरीर व मस्तिष्क को आराम मिलता है।

अध्ययनों से पता चलता है कि जो बच्चे नियमित रूप से पर्याप्त मात्रा में नींद लेते हैं उनके ध्यान, व्यवहार ,अधिगम, स्मृति व संपूर्ण मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है।

पर्याप्त नींद ना मिलने पर क्या होता है?

पर्याप्त नींद न मिलने से बच्चों को उच्च रक्तचाप, मोटापा व तनाव आदि कई समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है।

पर्याप्त नींद न मिलने से बच्चे चिड़चिड़े हो जाते हैं।कम सोने से उनकी एकाग्रता में कमी आती है।

नई चीजों को सीखने में परेशानी होती है। बच्चों के उत्साह व प्रेरणा में कमी आती है। 

समय के साथ इस समस्या से चिंता व तनाव जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।

पर्याप्त मात्रा में नींद ना मिलने से आपके बच्चों के लिए नकारात्मक परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। जो बच्चे रात को ठीक तरह से नहीं सो पाते उनके व्यवहार मानसिक व भावनात्मक स्थिति में विभिन्न प्रकार के परिवर्तन देखने को मिलते हैं।


 नींद ना पूरी होने से बच्चे को सुबह जल्दी उठने में परेशानी होती है। उन्हें पूरे दिन थकान का अनुभव होता है जिससे उनका खेलने में मन नहीं लगता। घर या स्कूल में पढ़ने और बाकी काम को करने में ध्यान नहीं लगा पाते। कम नींद लेने से बच्चों का इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है जिससे अक्सर बीमार पड़ने लगते हैं।

बच्चों के लिए कितनी नींद जरूरी है?

बच्चों के विकास के लिए रात में सोना जरूरी है। कुछ बच्चे रात में ज्यादा सोते हैं और व दिन में एक-दो बार झपकी लेते हैं जबकि कुछ बच्चे रात में कम और दिन में ज्यादा सोते हैं। किसी बच्चे को कितने घंटे की नींद लेनी चाहिए यह उनकी आयु पर निर्भर करता है।

० - ३ माह के शिशु : १५ - १६ घंटे प्रति दिन
३ - १२ माह के बच्चे : १४ - १५ घंटे प्रति दिन
१ - ३ वर्ष के बच्चे : १२ - १४ घंटे प्रति दिन
३ - ५ वर्ष के बच्चे : ११ - १३ घंटे प्रति दिन
५ - १२ वर्ष के बच्चे : १० - ११ घंटे प्रति दिन

यह निश्चित करें कि आपके बच्चे को पर्याप्त नींद मिले इसके लिए आप शुरूवती समय से ही अपने बच्चे के लिए एक निर्धारित दिनचर्या बनाएं जिसमें आप उसके सोने का समय निश्चित करें ।ऐसा करने से आपके बच्चे को बिना थकान जल्दी नींद आने में मदद मिलेगी। आप बच्चों को सुलाने के लिए कहानियां सुना सकती है व लोरी भी गा सकती हैं।



बच्चों को पर्याप्त नींद से मिलने वाले लाभ

कोशिकाओं की मरम्मत में :-
नींद कोशिकाओं के निर्माण व मरम्मत के लिए आवश्यक है। पर्याप्त मात्रा में नींद लेनेेे पर बच्चों के शरीर में ग्रोथ हार्मोन का विकास होता है और मांस पेशियों में वृद्धि के साथ प्रोटीन का संश्लेषण होता है व प्रतिरक्षा प्रणाली का निर्माण होता है जिससेे बच्चे कम बीमार पड़तेे हैं।

स्मृति को सुधारने में :-
नींद का सीधा प्रभाव बच्चो के संज्ञानात्मक विकास पर पड़ता हैै। बढ़ने की प्रक्रिया में बच्चों के मस्तिष्क में बहुत से परिवर्तन होते हैं और पर्याप्त मात्रा में नींद से इस प्रक्रिया में सहायता मिलती है।

वजन नियंत्रण में सहायक :-

पर्याप्त मात्रा में नींद लेने से बच्चे में मोटापे का खतरा कम होता है

मूड को बेहतर बनाने में :-

जब बच्चों की नींद ठीक तरह से पूरी नहीं होती है तो वे चिड़चिड़े हो जाते हैंनींद की कमी से बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है उन्हें तनाव व चिंता के साथ गुस्सा भी बहुत आता है। रात में पर्याप्त नींद लेने से बच्चों में तनाव कम होता है और भावनाओंं को संसाधित(process) करने में सहायता मिलती है

मस्तिष्क को स्वस्थ बनाने में :-

पर्याप्त नींद से बच्चों का दिमाग शांत रहता है।जिससे वे समस्याओं को आसानी से सुलझा पाते हैं। वे नई चीजोंं को सीखते हैं व खुशी से अपना काम करते हैं। ऐसे बच्चे जो पर्याप्त मात्रा में नींद लेते हैं वे ज्यादा रचनात्मक होते हैं। उनमें एकाग्रता बढ़ती है व वे उचित निर्णय लेने में सक्षम होते हैं।


हार्मोन के स्राव में सहायक :-

शरीर में हार्मोन का निर्माण सोते समय ही होता है इसलिए बच्चे के पर्याप्त मात्रा में नींद न लेने से ग्रोथ हार्मोन में कमी आ सकती है। NREM (Non Rapid Eye Movement), बच्चे की गहरी नींद के दौरान मांस पेशियों में रक्त की आपूर्ति बढ़ती है, ऊर्जा का संचयन होता है ऊतकों की वृद्धि व सुधार होता है महत्वपूर्ण हार्मोन शरीर में बनते हैं, जिसमें वृद्धि व विकास में सहायता मिलती है।

रोगाणुओं से लड़ने में सहायक :-

सोते समय शरीर में साइटोकिनिन नामक प्रोटीन का निर्माण होता है जिससे संक्रमण, बुखार व तनाव सेेे लड़ने में मदद मिलती है।इसी कारण बच्चे जब भी बीमार होते हैं तो उन्हें जो भी दवाइयाँ दी जाती हैं उनके सेवन से बच्चों को नींद आ जाती है, जिससे वो रोग निरोधक क्षमताओं में वृद्धि कर जल्द ठेक हो जाते हैं।

इसलिए माता पिता को यह निश्चित करना चाहिए कि उनके बच्चे अपनी आयु के मुताबिक़ पर्याप्त नींद ले क्योंकि अच्छी नींद बच्चे के विकास के लिए बहुत आवश्यक है।

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