बच्चों को खुश व सफल कैसे बनाएं ?

बच्चों को खुश व सफल कैसे बनाएं ?

प्रत्येक माता-पिता अपने बच्चों को खुश व स्वस्थ्य देखना चाहते हैं। आप अपने बच्चों की खुशी और सुखद अनुभव के लिए अनेकों प्रयत्न करते हैं। अपने बच्चों को सुखद व स्वस्थ्य बचपन देकर आप अपने बच्चों को जीवन में सफल बना सकते हैं, लेकिन इस बात पर विचार करना आवश्यक है कि आज के समय में बच्चों का पालन पोषण किस प्रकार किया जाए जिससे कि वह हमेशा खुश रहे।


बच्चों के पालन पोषण करने से तात्पर्य उन्हें केवल खुशी या संतुष्टि देने से नहीं है, बल्कि इसके विपरीत है। वैज्ञानिक शोध बताते हैं की प्रसन्नता एक अनुभूति है जो हम अपने व्यवहार में अपनाते हैं।
 यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपके बच्चे खुश रहें, आप उनके लिए एक अच्छी दिनचर्या बनाएं और उनकी प्रेरणा स्रोत बनें।

बच्चों को खुश रखने के तरीके:-

यदि आप अपने बच्चे को खुश रखना चाहते हैं तो आप को बच्चों की देखभाल से जुड़ी किताबें या दोस्तों, रिश्तेदारों की राय लेने की जरूरत नहीं है ।केवल अपने बच्चे पर ध्यान दीजिए। उनकी पसंद और नापसंद का ख्याल रखिए। सबसे जरूरी है कि आप बच्चों के साथ समय बताएं जिससे आप उन्हें ठीक तरह से समझ सकें।

खुश रहिए:-
आपका बच्चा तभी खुश रहेगा जब वह आपको कुछ खुश देखेगा। यदि माता-पिता चिंता और तनाव मैं रहते हैं तो इसका प्रभाव बच्चों पर पड़ता है और वे भी खुश नहीं रहते हैं।


बच्चों को सामाजिक कौशल सिखाएं :- 
जो बच्चे खुश रहते हैं उनके लोगों के साथ अच्छे संबंध होतेे हैं। अच्छे व्यवहार के कारण ऐसे बच्चों के कई दोस्त होतेे हैं ।आपको अपने बच्चों को अच्छे काम करने के लिए प्रेरित करना चाहिए जिससे दूसरों के प्रति उनकी सहानुभूति बढ़े।आप को उन्हें मुसीबत में पड़े बच्चों की मदद करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। इन सभी कौशलों से वे प्राकृतिक रूप सेेे सकारात्मक संबंध स्थापित कर सकते हैं।

संगीत से मिलेगी सहायता :-
संगीत सुनने से हमें खुशी मिलती है। संगीत सुनने से हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली मज़बूत बनती है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है और तनाव के स्तर में भी कमी आती है। आप अपने बच्चों को गाने के माध्यम से कई विषयों के बारे में सिखा सकते हैं।

बाहर खेलना जरूरी है :-
बच्चों को पूरा दिन घर में रहने की बजाय बाहर खेलने के लिए कहें। बाहर खेलने जाने वाले बच्चे ज्यादा खुश व स्वस्थ्य रहते हैं। बच्चों के लिए खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह बच्चों के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। खेलों से बच्चों को खुशी मिलती है और चिंता व तनाव भी कम होता है।

 शांति में है -असली खुशी:-
बच्चे कभी एक जगह पर शांत होकर नहीं बैठते हैं, लेकिन आप थोड़ा समय निकालकर बच्चे को शांति से बैठाएँ और उन्हें ध्यान लगाने को कहें। ध्यान लगाने से बच्चों का संपूर्ण शारीरिक विकास होता है इससे बच्चों का मस्तिष्क स्वस्थ्य रहता है और वे खुश रहते हैं।


बच्चों को चाहिए प्यार और देखभाल:-
माता पिता और परिवार से मिलने वाली देखभाल और प्यार बच्चों के लिए बहुत जरूरी है। अपने बच्चे को प्यार दे ,उनकी देखभाल करें और इसी के साथ उनको अच्छी आदतें सिखाएं। उनके साथ वक्त बिताएं। अगर आप नौकरी करती हैं तब भी जितना हो सके अपने बच्चे के साथ समय बिताएं क्योंकि आपकी प्यार और देखरेख बच्चों के लिए बहुत जरूरी है।

बच्चों का हो स्वयं पर नियंत्रण:-
पूरा दिन दोस्तों के साथ खेलना, होमवर्क पूरा ना करना, बहुत ज्यादा टीवी देखना इन सभी कार्यों से बच्चे थोड़ी देर के लिए खुश हो जाते हैं लेकिन आपको उन्हें स्वयं पर नियंत्रण रखना सिखाना चाहिए। क्योंकि बच्चे स्वयं पर नियंत्रण नहीं रखेंगे तो उन्हें परेशानियां हो सकती हैं। शोधों से पता चलता है कि जो लोग स्वयं पर नियंत्रण रखते हैं अन्य लोगों की अपेक्षा ज्यादा खुश रहते हैं। बच्चों को शुरूवात से ही आत्म अनुशासन सिखाएं।

 खुशी ज़िद पूरी करने में नहीं :-
 यदि आप ऐसा सोचते हैं कि बच्चे की ज़िद पूरी करने से उनको खुशी मिलेगी तो यह सही नहीं है। शोध बताते हैं जो बच्चे ज्यादा जिद करते हैं उनमें असंतोष की भावना अधिक पाई जाती है। ऐसे बच्चे चाहत और ज़रूरत के बीच का अंतर नहीं समझ पाते और वह भौतिक वस्तुओं में ही खुशी ढूँढते हैं।


 यह कुछ तरीके हैं जिनसे आपको अपने बच्चे को खुश रखने में मदद मिलेगी। खुश रहने वाले बच्चों में ऐसे गुण होते हैं जिनसे वो अपने जीवन में सुखी रहते हैं और सफल बनते हैं। 

No comments:

Post a Comment