बच्चों के जीवन में किताबों का महत्व

📚 बच्चों के जीवन में किताबों का महत्व

बच्चों के जीवन में किताबों का बहुत महत्व है। यह कह सकते हैं कि बच्चों में पढ़ने के कौशल को विकसित करने पर वे जीवन के अनेक क्षेत्रों में सफल होते हैं। इस सफलता को निश्चित करने के लिए आप बच्चों में शूरवाती समय से ही पढ़ने की आदत को डालें। बच्चे आपके साथ घर पर जो भी गतिविधियां करते हैं, उससे वह बहुत कुछ सीखते हैं। ऐसी बहुत सी चीजें हैं जो आप अपने बच्चों के साथ खाली समय में कर सकते हैं। 

बच्चों को बचपन में नैतिक शिक्षा व विभिन्न प्रकार की रचनात्मक कहानियां सुनानी चाहिए। अच्छी कहानियां न सिर्फ बच्चों को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेंगी बल्कि जब वे इन कहानियों को पढ़ेंगे तो उनमें एक रचनात्मक सोच का विकास भी होगा।


बच्चों के नजरिए से सोचें 

आप ज्यादा छोटे बच्चों को छोटी छोटी सरल कहानियां सुना सकती हैं। इससे उन्हें नए शब्दों को सीखने में मदद मिलेगी। ऐसी किताबें जिनमें चित्र, संकेत अधिक होते हैं, बच्चों को बहुत पसंद आती हैं। आप बच्चों को पढ़कर कहानियां सुनाएं जिससे वे उन्हें आसानी से समझ सकें।

1- शब्दों को बाएं से दाएं पढ़ते समय उस तरफ इशारा करें ।

2- बच्चों को दो शब्दों के बीच की दूरी का मतलब बताएं ।

3- नए शब्दों का मतलब समझाएं ।

4- पढ़ते समय किताब में बने चित्रों का भी सहारा लें। 

 5- छोटी-छोटी कहानियों वाली व सरल भाषा की किताबों को पढ़ें।

 6- पढ़ते समय उच्चारण व गति का ध्यान रखें।


    क्यों जरूरी है बच्चों के लिए किताबें पढ़ना

बच्चों को किताबें पढ़ाने से ना केवल उनकी भाषा का विकास होता है बल्कि इससे बच्चों को कई अन्य लाभ भी होते हैं:-

1- बच्चों को किताब पढ़ाने से बच्चों में बुद्धि का विकास होता है। साथ ही बच्चों में      संज्ञानात्मक विकास की नींव भी मजबूत होती है।

2- किताब पढ़ने से बच्चे शांत रहते हैं खासकर की जो चिड़चिड़े स्वभाव के होते हैं।

3- इससे आपके व आपके बच्चे के बीच में अच्छा संपर्क स्थापित होता है।

4- किताबें पढ़ने से बच्चे किसी चीज पर देर तक ध्यान लगा सकते हैं, जिससे उनकी       एकाग्रता में वृद्धि होती है।

5- इससे बच्चों में सुनने की क्षमता का विकास होता है।

6- शोध बताते हैं कि जो बच्चे कम उम्र से ही किताब पढ़ना शुरू कर देते हैं, वे बच्चे      पढ़ाई में अच्छे होते हैं और स्कूल में भी अच्छा प्रदर्शन करते हैं।

7- किताबें बच्चों की विचार करने की क्षमता को बढ़ाती है।

8- किताबें पढ़ने से बच्चों को कई नई चीजों की जानकारी मिलती है।

9- पढ़ने से बच्चों की शब्दावली भी विकसित होती है।

10- बच्चों को किताब पढ़ाने से बच्चे शब्दों व ध्वनियों को सुनते, पहचानते व                समझते हैं और उसका प्रयोग अब बोल चाल की भाषा में करते हैं।

11- शब्दों व ध्वनियों की जानकारी से वे जो भी पढ़ते हैं उसका मतलब आसानी से           समझ जाते हैं।

12- जिन बच्चों में कम उम्र से ही पढ़ने की आदत विकसित होती है उनकी पढ़ाई में        सकारात्मक रुचि उत्पन्न होती है।


         आपको क्या करना चाहिए?

माता पिता को अपने बच्चों के साथ धैर्यशील व तर्कसंगत होना चाहिए। अच्छी आदतों व अच्छी दिनचर्या के द्वारा बच्चों की नींव को मज़बूत बनाया जा सकता है। इस प्रक्रिया में समय लगता है। बच्चों की नियमित पढ़ने की आदत इस प्रक्रिया में सहायक है।

 आप अपने बच्चों को प्रत्येक दिन कुछ नया और अच्छा सिखा सकती हैं और अपने बच्चों को पहले से और भी बेहतर बना सकती हैं।

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