छोटे बच्चों को पढ़ना कैसे सिखाएं? How to teach reading to Kids?

छोटे बच्चों को पढ़ना कैसे सिखाएं?

प्रत्येक माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा अच्छे से पढ़ाई करें और जीवन में सफलता प्राप्त करें। बच्चों का भविष्य कैसा होगा इस बात पर निर्भर करता है कि आप अपने बच्चों की परवरिश किस प्रकार कर रहे हैं। यह जरूरी नहीं है कि बच्चे प्रीस्कूल या स्कूल जाने के बाद ही पढ़ना या लिखना सीखें । आप घर में ही बच्चों के ,शब्दों को पढ़ने लिखने के कौशल को आसानी से विकसित कर सकते हैं।
 अधिकांश लोग पढ़ना सीखने की प्रक्रिया के बारे में ज्यादा विचार नहीं करते हैं ।जब तक वे स्वयं माता पिता नहीं बनते। वे समझते हैं कि पढ़ना सीखना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है और इसके लिए बच्चों को कुछ विशेष सिखाने की आवश्यकता नहीं है ,लेकिन यह बिल्कुल भी सही नहीं है। बच्चों को पढ़ना सिखाना एक जटिल प्रक्रिया है, जिसके लिए हमें कुछ विशेष कौशलों पर ध्यान देने की आवश्यकता होती है और साथ ही कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ता है।

आइए जानते हैं कुछ चरणों के बारे में जिनसे आप अपने बच्चों को घर में पढ़ना सिखा सकते हैं:-

1- गीतों व कविताओं का प्रयोग
 बच्चों के गीतों और वह कविताओं को पढ़ने से न केवल उनका मनोरंजन होता है, बल्कि इससे बच्चों को ध्वनियों व अक्षरों का भी ज्ञान होता है। जो उन्हें पढ़ना सीखने में सहायता करता है। कविता व गाने बच्चों को नए अक्षरों वह ध्वनियों में परिचय कराने का अच्छा माध्यम है। आप बच्चों को ताल के साथ ताली बजाते हुए , गाने व कविताएं सुनाएं। इससे बच्चों में ध्वनि ग्रामिक जागरूकता(phonemic awareness) विकसित होगी, जिससे वह प्रत्येक अक्षर व ध्वनि को अच्छे से सुनेगा और उसमें साहित्य कौशल का विकास होगा।

2- बच्चों के साथ पढ़ें
जब बच्चे आपको पढ़ते देखेंगे तो उनकी पढ़ने में रुचि बढ़ेगी। आप जब भी बच्चों को कुछ पढ़ने के लिए दें ,तो साथ में स्वयं भी उसे पढ़े और उंगली रखकर उसे पढ़ना सिखाएं। जब आप बच्चों को कोई किताब पढ़कर सुनाते हैं तो इससे बच्चे सीखते हैं कि शब्दों को किस प्रकार बोला जाना चाहिए। उन्हें शब्दों की ध्वनियों का ज्ञान होता है। इसके साथ ही इससे उनकी vocabulary और compression skills में भी वृद्धि होती है। जब आप प्रतिदिन यह गतिविधि अपने बच्चे के साथ करते हैं तो इससे उसकी पढ़ने के प्रति रुचि बढ़ेगी।

 3- कार्ड बनाएं 
घर पर ही साधारण कार्ड बनाकर उन पर दो या तीन अक्षरों के शब्द लिखें। आप बच्चे से कोई एक कार्ड चुनने को कहें। अब बच्चे के साथ उस शब्द को बार बार दोहराएं। इससे बच्चे को शब्द में निहित अक्षरों की ध्वनियों का ज्ञान होगा और साथ ही वह शब्द बोलना भी सीख जाएगा। इसको करने में थोड़ा समय ज़रूर लगता है ,लेकिन इससे आपके बच्चे के ज्ञान में वृद्धि होती है।

 4- गुस्सा ना करें 
बच्चों को कोई भी नई चीज़ सिखाते समय आपको धैर्य रखना चाहिए ।जब बच्चे कुछ नया सीखते हैं तो वे तरह-तरह के प्रश्न करते हैं और साथ ही गलतियां भी करते हैं। ऐसे में आपको उन पर बिल्कुल भी गुस्सा नहीं करना चाहिए। यदि आप बच्चों पर गुस्सा करेंगे तो वह सवाल पूँछेंगे या कुछ भी नया करने से डरेंगे ,जिससे उनकी पढ़ना सीखने की प्रक्रिया पर प्रभाव पड़ेगा जो उनके भविष्य के लिए ठीक नहीं है।


 5- उनका उत्साह बढ़ाएं
 जब बच्चे किसी नए शब्द को ठीक प्रकार से बोलने या पढ़ने लगे तो आप उनकी प्रशंसा करें। बच्चों की हर छोटी छोटी उपलब्धि पर उनकी तारीफ़ कर। इससे उनके उत्साह व आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और वह भविष्य में और भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे।


 6- पिक्चर बुक के माध्यम से समझाएं
 छोटे बच्चों को पढ़ना सिखाने के और नए शब्दों का ज्ञान कराने के लिए पुस्तकें एक बहुत अच्छा साधन है। पिक्चर बुक में बने चित्र के माध्यम से बच्चे नई चीजों को सीखेंगे।


 7- पुस्तक से संबंधित प्रश्न करें 
यदि बच्चा थोड़ा बड़ा है तो उसके किताब पढ़ने के बाद आप उससे किताब या उस कहानी से संबंधित प्रश्न पूछें। आप उससे पूछें कि अभी उसने क्या पढ़ा था या पिक्चर बुक देखकर कहानी का अंदाजा लगाने को कहें। इससे उसकी सोचने की क्षमता का विकास होगा। साथ ही बच्चे कहानी को समझेंगे और उससे जुड़े प्रश्नों के उत्तर भी देना सीख जाएंगे।


 8- खेल खेल में पढ़ाई बच्चों को पढ़ाए
 पढ़ना सिखाने की प्रक्रिया को मज़ेदार बनाने के लिए आप बच्चों के साथ विभिन्न प्रकार के शब्दों से संबंधित खेल ,खेल सकते हैं। क्योंकि किसी भी नई चीज़ को सीखने के लिए बच्चे पहले तो बहुत उत्साहित और उत्सुक होते हैं ,लेकिन कुछ समय बाद जब भी उसे समझने लगते हैं तो उनकी रुचि सीखने में कम हो जाती है।


 9- पढ़ना सीखने के मुख्य कौशलों को समझें
 आपको यह याद रखना जरूरी है कि पढ़ना सीखने के लिए विभिन्न प्रकार के कौशलों की आवश्यकता होती है। कुछ मुख्य कौशल हैं जिन्हें बच्चों को सीखना सीखने की आवश्यकता होती है-
*शब्दों की ध्वनियों को जोड़ तोड़ कर सुनने का कौशल।
*अक्षरों के ध्वनियों के बीच के संबंध को पहचानना।
*शब्दों के अर्थ व उनके प्रयोग को समझना।
*किताबों में लिखे हुए शब्दों का अर्थ समझना।
*शब्दों को समझते हुए गति के साथ ठीक से पढ़ना।


बच्चों को पढ़ना सिखाने के लिए यह जरूरी है कि आप किताबों को अपनी रूटीन में शामिल कर ले और बच्चों को भी इसमें व्यस्त रखें।

 पढ़ाई लिखाई को बोरिंग न बनाएं बल्कि उसे एक खेल की तरह मज़ेदार बनाएं और ऐसे तरीके अपनाएँ जिसमें बच्चों का मन लगा रहे।
 यह बात ध्यान में रखें कि हर बच्चा अलग होता है और कभी भी बच्चे पर किसी ऐसी चीज़ के लिए दबाव न बनाएँ , जिसके लिए वह तैयार न हो बच्चों को समय दें और उन्हें धीरे-धीरे समय के साथ सीखने दे।

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