How to boost child's immunity during Coronavirus?

कोरोना वायरस के समय में बच्चों की इम्यूनिटी कैसे बढ़ाए?

चीन के वुहान प्रांत से शुरू हुआ कोरोना वायरस का कहर पूरी दुनिया में जारी है। अब तक यह 212 से अधिक देशों में फैल चुका है। COVID-19 (coronavirus diseas) से लगभग 35,08,000  से अधिक लोग संक्रमित हैं जबकि 2,45,000से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है।

कोरोना वायरस का संबंध वायरस के एक ऐसे परिवार से है ,जिसके संक्रमण से श्वसन संबंधी गंभीर रोग जैसे MARS व SARS हो सकते हैं ।व्यक्ति के शरीर में पहुंचने पर कोरोनावयरस उसके फेफड़ों को संक्रमित करता है। यह वायरस के एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बहुत तेज़ी से फैल रहा है। इसके संक्रमण से व्यक्ति में बुखार, सूखी खाँसी, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में ख़राश  आदि लक्षण देखने को मिलते हैं। आजकल तो ऐसे भी केस देखने को मिल रहे हैं ,जिनमें इन सब में से कोई भी लक्षण नहीं है फिर भी कुछ लोगों में कोरोना वायरस का संक्रमण पाया गया है।

 इस समय पूरी दुनियाँ इस महामारी से जूझ रही है। हर एक देश इस संक्रमण को रोकने के लिए उपाय ढूंढ रहा है। इस वायरस से लड़ने के लिए ज़रूरी है कि आप अपने शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता यानी इम्यूनिटी को बढ़ाएं। बड़ों के मुकाबले बच्चों की इम्यूनिटी पावर बहुत कम होती है। इस कारण वे जल्द ही बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। ऐसे समय में बच्चों को सेहतमंद रखने के लिए उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना जरूरी है। 


आइए जानते हैं इस वायरस से बचने के लिए बच्चों के साथ हमें कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए और उनकी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए क्या-क्या करना चाहिए?

बच्चों के साथ सावधानियां 

स्वछता का ध्यान रखें -

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए सबसे ज़रूरी है कि आप स्वच्छता का ध्यान रखें। अपने हाथों को थोड़ी थोड़ी देर में अच्छे से धोएं। बच्चों के हाथ भी थोड़ी थोड़ी देर में साबुन या हैंड वॉश से धुलवाते रहे क्योंकि बच्चे पूरे दिन बहुत सी गतिविधियां करते रहते हैं और बहुत तरह की चीजों को छूते हैं। ऐसे में उन्हें समझाएं कि हाथ धोना क्यों ज़रूरी है।


 संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाएँ  -

आप सर्दी या फ्लू से संक्रमित व्यक्ति के पास जाने से बचें। और यदि जाएं तो अपने आंख, नाक और मुंह को ढके खासकर बच्चों को किसी भी संक्रमित या बीमार व्यक्ति के पास बिल्कुल ना जाने दें।

टिशू का प्रयोग करें -

खाँसते या छींकते  समय टिशू का प्रयोग करें और बच्चों के पास भी उनके खाँसते या छींकते समय टिशू ,रुमाल या कोई साफ कपड़ा रखें।

नाखूनों की सफाई -

बच्चों के हाथ और पैरों के नाखूनों को नियमित रूप अंतराल पर काटते रहे और नाखूनों की स्वच्छता पर ध्यान दें क्योंकि नाखूनों में गंदगी बहुत जल्दी जमा हो जाती है।

घर की सफाई -

अपने घर की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। नियमित अंतराल पर फर्श और दरवाजे, खिड़की आदि की सफाई किसी भी एंटीसेप्टिक की सहायता से करते रहें। साथ ही मोबाइल और लैपटॉप को भी समय-समय पर साफ करते रहें।

बच्चों के खिलौनों की सफाई -

बच्चों के खिलौने और उन चीजों को जिनसे वे खेलते हैं नियमित अंतराल पर अच्छे से साफ करते रहें। साथ ही बच्चों के कपड़ों को भी एंटीसेप्टिक लिक्विड की सहायता से धोएं।

बाहर ना जाएँ -

इस समय आपको जिस बात का विशेष रूप से ध्यान रखना है, वह यह है कि बच्चों को लेकर घर से बाहर बिल्कुल भी ना जाएं। जब तक आप घर में रहेंगे सुरक्षित रहेंगे ।अगर किसी भी काम से हम बाहर जाएं जाते भी हैं तो mask और gloves पहन कर जाएं और घर वापस आने के बाद हाथ व पैर अच्छे से धोएं और gloves और mask को अच्छे से धोएं। अगर gloves और mask disposable  है तो उन्हें फेंक दें।

बच्चों को समझाएं -

बच्चों को समझाएं कि वे अपने मुंह, आंखो को बार-बार ना छुएं और उन्हें साफ सफाई के बारे में बताएं। यदि बच्चे बहुत छोटे हैं तो आपको यह उनके स्वास्थ्य और स्वच्छता का ध्यान रखना होगा।

खाने पीने में सफाई -

आप जब भी किचन में कुछ बनाए तो उससे पहले अपने हाथों को अच्छे से धोएं। बाजार से फल व सब्जियां लाने के बाद भी उन्हें अच्छे से धोने के बाद ही प्रयोग करें। दूध या अन्य सामान के पैकेट को अच्छे से धो कर ही किचन में लाएं।


बच्चों की इम्यूनिटी कैसे बढ़ाएँ ?

1) इस समय डाइट में  ज़्यादा से ज़्यादा  फल व सब्जियां शामिल करें। आप चुकंदर और शलजम आदि खा सकते हैं। इसमें पाए जाने वाले  कैरोटीन को ,हमारा शरीर विटामिन ए में बदल देता है जो कि हमारे श्वसन तंत्र को मज़बूत  बनाता है और किसी भी प्रकार के संक्रमण से लड़ने में मदद करता है। इसके अलावा संतरा, आम, तरबूज़ आदि भी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक है।

2) विटामिन डी भी हमारे रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक है। यह शरीर में पेप्टाइड के निर्माण को बढ़ाता है जो कि शरीर में बैक्टीरिया, फंगस, वायरस से लड़ते हैं।

विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत है सूर्य की किरणें। आप रोज़ सुबह कम से कम 20 मिनट के लिए अपने बच्चों के साथ धूप में बैठे। कोशिश करें कि धूप आपके शरीर के ज़्यादा से ज़्यादा हिस्से पर पड़े क्योंकि सूर्य एक प्राकृतिक sanatizer भी होता है, इसलिए सूर्य की किरणें आपकी त्वचा के लिए बहुत ज़रूरी व लाभदायक होती हैं।

3) ध्यान रहे कि बच्चे अपनी नींद ठीक प्रकार से पूरी करें पर्याप्त नींद व आराम मिलने से उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

4) बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मां का दूध महत्वपूर्ण होता है। मां के दूध में सभी तरह के प्रोटीन ,शुगर और वसा आदि शामिल होते हैं जिनकी ज़रूरत आपके बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए आवश्यक है। इसके साथ ही मां के दूध में पाए जाने वाले प्रोटीन ,शुगर ,वसा आदि , इम्यूनिटी को  बढ़ाते हैं और बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं।

5) व्यायाम हमारे शरीर को मज़बूत बनाता है और हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है बच्चों को घर पर ही शारीरिक गतिविधियां और व्यायाम करने  को कहेें । शोध बताते हैं कि प्रतिदिन व्यायाम न करने वाले लोगों की अपेक्षा रोज़ करने वालों की इम्यूनिटी मज़बूत होती है।

6) इस समय जितना हो सके तो घर में बना ताजा खाना ही खाए।

7) बच्चों को ज्यादा से ज्यादा पानी पिलाएं इससे बच्चों को सर्दी जुकाम होने की संभावना कम हो जाएगी। यदि बच्चे ज़्यादा मात्रा में पानी नहीं पी पाते हैं तो उन्हें घर में बने ताजे फलों का रस, सूूप या नारियल पानी और दूध दे सकते हैं।

8) बच्चों को संतरा, पपीता कीवी आदि फल और सब्जियों में बैंगन, शिमला मिर्च, चुकंदर आदि सब्जियां दें। इसमें विटामिन सी (Vitamin C) प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो बच्चों की इम्युनिटी को मजबूत बनाने में सहायक है।

9) खाने में अदरक और लहसुन का प्रयोग करें। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता तो बढ़ती ही है साथ में यह बच्चों के आतो के लिए भी बहुत फायदेमंद है।

10) यदि आप या आपके घर में कोई भी धूम्रपान करता है तो इससे आप और आपके बच्चे की सेेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है। सिगरेट के धुुएं में 700 से ज्यादा घातक रसायन होते हैं जो कि शरीर में कोशिकाओं को नष्ट करते हैं और प्रतिरोधक क्षमता को भी कम कर देते हैं इसलिए जितना हो सके बच्चों को सिगरेट के धुएं से दूर रखें।

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