बच्चों को प्रोत्साहित कैसे करें? How to motivate your child

बच्चों को प्रोत्साहित कैसे करें?


 क्या आपने कभी सोचा है कि बच्चों को उत्साहित करना मुश्किल क्यों होता है?


लगभग सभी माता-पिता यह सोचते हैं कि जब तक वह अपने बच्चों को किसी काम के लिए टोकेंगे नहीं, तब तक बच्चे वह काम नहीं करेंगे। लेकिन ऐसा हो सकता है कि आपके द्वारा किए गए प्रयास बच्चों का काम के प्रति उत्साह बढ़ाने की बजाये कम कर रहे हो। 

आपको बच्चों से कोई भी काम इसलिए नहीं करवाना चाहिए क्योंकि आप उसे होते हुए देखना चाहते हैं। आपके द्वारा बार-बार किसी कार्य को लेकर दबाव डालने से बच्चे और परेशान हो सकते हैं। यदि आप अपने बच्चों से ज्यादा उनकी पढ़ाई या उनके रिजल्ट को लेकर परेशान रहते हैं, तो ध्यान रखिए यहां आपको थोड़ा सोचने की ज़रूरत है कि यहां पर आपका और आपके बच्चे का क्या दायित्व है।

यदि आपका बच्चा अपने काम को लेकर गंभीर नहीं हैं और काम सही तरीके से नहीं करता है, या फिर ऐसा कहे कि उसका मन ही नहीं लगता है, तो आपका माता पिता होने के नाते यह दायित्व है कि आप उसे समझाएं और सिखाएं कि असली दुनिया में यह कितना आवश्यक है। उन्हें बताएं कि उनके गलत निर्णय लेने से आगे चलकर क्या परिणाम हो सकते हैं। लेकिन इस बात को ध्यान में रखें कि केवल परिणामों के बारे में बताने से बच्चों को प्रेरणा नहीं मिलेगी। इसके लिए आपको प्रयत्न करने पड़ेंगे।

माता पिता अक्सर अपने बच्चों के भविष्य के लिए भी स्वयं को उत्तरदाई मानते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है, आपके बच्चों का भविष्य उनके द्वारा लिए गए फैसलों पर निर्भर करता है। लेकिन हम सोचते हैं कि हमारे बच्चों की सफलता हम पर निर्भर करती है और ऐसे में हम बच्चों पर कार्यों को करने का दबाव बनाने लगते हैं। जिससे कि वे हमारे कंट्रोल में रहे। लेकिन यह बात ध्यान रखें कि ऐसा करना बिल्कुल गलत है। आपके इस तरह बार-बार टोकने और दबाव बनाने से बच्चों में काम के प्रति कभी भी उत्साह उत्पन्न नहीं होगा। क्योंकि वह सब काम बच्चे अपने लिए नहीं बल्कि आपकी बातों को मानने के लिए कर रहे हैं, जिससे कि आप खुश रहें। इस तरह बच्चों को स्व प्रेरणा नहीं मिलती।

माता-पिता को अपने बच्चों को प्रेरित व प्रभावित (inspire and influence) करना चाहिए ,जिससे कि बच्चे अपने हर कार्य को करने में उत्साहित हों। 

माता-पिता अपने बच्चों के सबसे बड़े प्रशंसक हैं। बच्चे अपने माता-पिता को एक प्रेरणा स्रोत व मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं। इसलिए माता-पिता का दायित्व होता है कि वह अपने बच्चों को प्रोत्साहित करें और आवश्यकता पड़ने पर उनकी मदद करें ,ताकि वे स्कूल, खेल व अन्य जगहों पर अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकें।


 आइए जानते हैं कि आप अपने बच्चों का उत्साह किस प्रकार बढ़ा सकते हैं :-


 (1) लक्ष्य निर्धारित करें :-


 बच्चों को कुछ छोटे व एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित करने को कहें, जिन्हें वह पूरा कर सकें और उनको पूरा करने के लिए प्रयत्न करने  की आवश्यकता पड़े। ऐसा करेंगे तो उन्हें समय-समय पर अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए उत्साह मिलता रहेगा।

(2) पुरस्कार दें :-

बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए पुरस्कार एक बहुत ही अच्छा विकल्प है। जब बच्चे कोई भी कार्य सही प्रकार से करें तो आप उन्हें उसके लिए इनाम दे। जैसे- अपना कमरा साफ करने पर, होमवर्क सही समय पर करने पर, घर के बाहर अच्छा व्यवहार करने पर।

इस बात का भी ध्यान रखें कि बच्चे मिलने वाले इनाम के ऊपर निर्भर न हो जाएं। वे केवल इसलिए कार्य न करें कि उन्हें इसके लिए इनाम मिलेगा।

(3) बच्चों से बातचीत करें :-


यदि आपके बच्चे समझदार हैं तो आप उनसे बातचीत करके और उन्हें समझा कर भी उनकी आंतरिक प्रेरणा को जगा सकते हैं। घर के अच्छे माहौल से भी बच्चे शांति और उत्साह के साथ अपना कार्य करते हैं।

(4) अपनी रुचि दिखाएं :-


अपने बच्चों की रुचिओं के बारे में जानिए। अपने बच्चों की रुचियों के बारे में बात करें और उनकी बातों को सुनें भी। इससे बच्चे समझेंगे कि आप उनकी परवाह करते हैं और वह आपसे अपनी रुचियों के बारे में खुलकर बात कर पाएंगे।

(5) सकारात्मक रहें :-


अपने बच्चों के प्रति हमेशा सकारात्मक व आशावादी रहें। यदि बच्चे आपकी आंखों में चिंता या डर देखेंगे तो हो सकता है कि इससे उनका आत्मविश्वास कम हो जाए। आपके सकारात्मक होने से आपके बच्चों का परिस्थितियों को देखने का नज़रिया बदल जाएगा।

(6) उपलब्धियों पर सराहें :-


जब भी आपके बच्चे को कोई उपलब्धि प्राप्त हो तो उन्हें दिखाएं कि आपको उन पर गर्व है और उनकी उपलब्धि का जश्न मनाएँ और उन्हें इनाम भी दें।

(7) चीजों को प्रतिस्पर्धी बनाएं :-


अच्छी प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करें। आप बच्चों को उनकी रूचि के अनुसार अलग-अलग प्रतिस्पर्धा में भाग लेने दें और उनका उत्साहवर्धन करें। बच्चों को उसके प्रतिद्वंदी के प्रति कभी भी नकारात्मकता की भावना ना आने दे।

(8)  बच्चों को प्रोत्साहित करें :-


 अपने बच्चों को बताएं कि आपको उनमें विश्वास है और वह सभी कार्य बहुत अच्छे से कर लेंगे। बच्चों में किसी भी प्रकार का डर व आत्म संशय न रहने दें।
    
 आप इसी प्रकार अपने बच्चों की योग्यताओं को समझकर, कमियों को जानकर, उनकी प्रशंसा करके और विभिन्न प्रकार के उदाहरणों द्वारा उन्हें समझाकर अपने बच्चों के मनोबल व उत्साह को बढ़ा सकते हैं।

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