बच्चों पर टेलीविजन का प्रभाव - Impact of Television on children - positive and negative

बच्चों पर टेलीविजन का प्रभाव


 टेक्नोलॉजी और मीडिया ने बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को और भी मजेदार बना दिया है। आज के समय में टीवी हर बच्चे के जीवन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण भाग बन गया है। टेलीविजन के माध्यम से बच्चों का कई प्रकार से मनोरंजन होता है। लेकिन यदि सही प्रकार से उसका उपयोग न किया जाए तो  यह बच्चों के लिए बहुत हानिकारक होता सकता है।
 माता-पिता अक्सर इस बात से चिंतित रहते हैं कि टीवी बच्चों के लिए अच्छी है या बुरी? उन्हें कितनी देर तक टीवी देखनी चाहिए? और किस प्रकार के प्रोग्राम टीवी पर देखने चाहिए?

 टेलीविजन द्वारा व्यक्ति के चरित्र व व्यक्तित्व का निर्माण होता है और इसमें लोगों के जीवन के प्रति दृष्टिकोण को बदलने की शक्ति होती है। यदि आप थोड़ी अतिरिक्त देखरेख करें तो बच्चे भी टीवी का आनंद ले सकेंगे और आप बच्चों को टीवी से होने वाले दुष्प्रभावों से बचा सकेंगे।

 टीवी की बच्चों के जीवन में क्या भूमिका है?


 बच्चों अपने समय का एक महत्वपूर्ण भाग टीवी के आगे बैठकर बिताते हैं और इससे उनके चरित्र व व्यक्तित्व पर भी प्रभाव पड़ता है। बच्चों के लिए टीवी पर सही प्रकार के प्रोग्राम का चुनाव करने से यह बच्चों में सामाजिक व पर्यावरणीय जागरूकता को भी बढ़ाता है और उन के सामाजिक, भावनात्मक व  संज्ञानात्मक विकास भी करता है। आप अपने बच्चे के पढ़ने, खेलने और टीवी देखने के समय को सही प्रकार से निर्धारित करके उनका सही प्रकार से विकास कर सकते हैं।

बच्चों पर टीवी के सकारात्मक प्रभाव :- 


(1) मनोरंजन

टीवी पर दिखने वाले रंग-बिरंगे चित्र व ध्वनियां बच्चों को अच्छी लगती हैं और साथ ही उनका ध्यान भी अपनी ओर खींचती हैं। टीवी पर ऐसे बहुत से मनोरंज क प्रोग्राम जैसे- फिल्में व कार्टून आते हैं, जिनमें बच्चे व्यस्त रहते हैं।इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि बच्चों की उम्र व समझ के हिसाब से कंटेंट उचित है या नहीं।

(2) शिक्षा

 टीवी पर कुछ चैनल ऐसे भी हैं जो खासकर बच्चों की शिक्षा के लिए ही प्रोग्राम दिखाते हैं। कुछ चैनल ऐसे हैं जो केवल कला, चित्रकारी, विज्ञान, इतिहास, भूगोल व गणित से संबंधित शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराते हैं। टीवी के माध्यम से बच्चे कई प्रकार की भाषाएं भी जान सकते हैं।

(3) खेल

 बच्चे टीवी पर कई प्रकार के खेल जैसे- फुटबॉल, क्रिकेट, हॉकी, वॉलीबॉल आदि देखते हैं  जिससे उनमें भी इस प्रकार की बाहरी गतिविधियों को करने की रुचि बढ़ती है। खेल संबंधित प्रोग्रामों को देखकर बच्चे सक्रिय व स्वस्थ बनने के लिए प्रेरित होते हैं।

(4) विभिन्न संस्कृतियों की जानकारी 

टीवी के माध्यम से बच्चों को दुनिया के अलग-अलग देशों और उनके विभिन्न संस्कृतियों के बारे में जानने का मौका मिलता है। सही प्रोग्रामों का चुनाव करने से बच्चे दुनिया के विभिन्न लोगों उनकी परंपराओं व जीवनशैली के बारे में सीखते हैं।

(5) रचनात्मकता

 टीवी से बच्चे विभिन्न प्रकार की चीजें, जैसे- खाना बनाना, कला, चित्रकारी, नाटक आदि कई प्रकार की कलाएं सीख सकते हैं। इससे बच्चों की रचनात्मकता बढ़ती है।

(6) भाषा व भावनात्मक कौशल

 यदि आपका बच्चा कोई नई भाषा सीख रहा है या फिर उसी ढंग से बोलने की कोशिश करता है तो आप उसे भाषा संबंधित प्रोग्राम व फिल्मों के माध्यम से नए शब्द व वाक्य बनाना सिखाने में मदद कर सकते हैं। टीवी प्रोग्राम देखने से बच्चों का भावनात्मक व्यवहार अच्छा रहता है और उनमें सामाजिक कौशल विकसित होता है जो कि उनके लिए आवश्यक है।

(7) व्यक्तित्व व स्वतंत्र सोच का विकास

 टीवी शो देखने से बच्चों की स्वतंत्रता से सोचने की क्षमता विकसित होती है और वही कुछ नया सोचने की शिक्षा भी मिलती है।

(8) प्रौद्योगिकी व नवीनतम रुझानों की जानकारी

 टीवी पर हम दुनिया के किसी भी स्थान के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे बच्चे नई नई टेक्नोलॉजी के बारे में सीखते हैं। इससे बच्चे अधिक जानकार हो जाते हैं और टीवी के माध्यम से सूचनात्मक ज्ञान प्राप्त करते हैं।

टीवी से बच्चों पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव


(1) समय का दुरुपयोग

 यदि बच्चे ज्यादा समय तक टीवी देखते हैं तो इससे उनका मूल्यवान समय खराब होता है जिसमें उनको और दूसरे कार्य करने होते हैं। जैसे होमवर्क करना, दोस्तों से मिलना, बाहर खेलने जाना आदि।

(2) ध्यान की कमी 

जो बच्चे टीवी की स्क्रीन के सामने दो-तीन घंटे से ज्यादा बिताते हैं। उन्हें पढ़ते समय ध्यान लगाने में परेशानी होती है। कई बार बच्चों को ADHD (attention deficit hyperactivity disorder) जैसी गंभीर समस्याएं भी हो जाती हैं।ऐसे में बच्चों का पढ़ाई और खेलने में मन नहीं लगता है और बच्चे रचनात्मक व मानसिक शांति देने वाली गतिविधियां जैसे चित्रकला आदि में हिस्सा भी नहीं लेते हैं।

(3) रचनात्मकता व कल्पना में कमी

 यदि आपका बच्चा अधिकतर समय टीवी के सामने बैठा रहता है और बाहरी दुनिया से दूर रहता है तो ऐसे में वह स्वयं में कल्पना का विकास नहीं कर पाएगा। जो बच्चे ज्यादा टीवी देखते हैं वह अपने मस्तिष्क का प्रयोग नहीं करते। वह किसी भी प्रकार के नए विचार मन में नहीं ला पाते क्योंकि सभी नए नए विचार उन्हें टीवी से मिल जाते हैं।

(4) अनुत्पादक (Unproductive)

यदि आपका बच्चा अपना सारा समय केवल टीवी ही देखने में बिताता है और बाकी कामों को जैसे- पढ़ाई, समाज व जीवन के अन्य क्षेत्रों में कुछ अच्छा हासिल नहीं कर पाते हैं तो आप समझ सकते हैं कि इससे बच्चे अन उत्पादक हो जाते हैं।

(5) मोटापा 

बहुत अधिक समय तक टीवी देखने वाले बच्चों में मोटापा व अन्य स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों का खतरा बना रहता है।

(6) आंखों व दिल की सेहत के लिए खतरा

 जो बच्चे बहुत ज्यादा टीवी देखते हैं और बहुत देर तक टीवी स्क्रीन के सामने बैठे रहते हैं तो उनकी आंखों पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। कभी-कभी स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है और आंखों की रोशनी इतनी कम होने लगती है कि साधारण चश्मा व लेंस भी काम नहीं आते।
बच्चों में टीवी देखने की लत से उनका व्यायाम करने और अन्य कार्य करने में मन नहीं लगता है जो कि उनके दिल और दिमाग दोनों पर असर डालता है।

(7) व्यवहार व मस्तिष्क के विकास में बाधा

 आपके बच्चे के जीवन के शुरुआती कुछ साल उनके मस्तिष्क के विकास के लिए बहुत जरूरी होते हैं। यदि बच्चे ज्यादा देर तक टीवी देखते हैं तो यह उनकी स्मृति, प्रारंभिक शिक्षा, व भाषा के विकास से संबंधित संज्ञानात्मक विकास की गति को धीमा कर देता है। एक शोध में यह भी पाया गया है कि जो बच्चे दो घंटे से ज्यादा टीवी देखते हैं उनमें व्यवहार से संबंधित परेशानियां देखी गई है।

(8) दुनिया का विकृत रूप 

कई बार फिल्म या टीवी शो में चीजों को बढ़ा चढ़ाकर और हिंसक दृश्य दिखाए जाते हैं। जिसको देखकर बच्चे डर सकते हैं। टीवी पर शराब, ड्रग्स आदि चीजों को देखकर बच्चों के मन में प्रश्न उठते हैं जिनका उत्तर समझने के लिए बहुत छोटे होते हैं। कई बार अपने सुपर हीरो को मारपीट करते हुए देखकर बच्चों को ऐसा लगता है कि वह भी हिंसा कर सकते हैं क्योंकि इसमें कोई बुराई नहीं है।

(9) अधिक विज्ञापन

 टीवी का एक अहम अन्य दुष्प्रभाव यह है कि टीवी पर बच्चे अनेक तरह की चीजों और ब्रांड के विज्ञापन देखते हैं और वह अक्सर ऐसी चीजों की मांग करते हैं जिनकी उन्हें आवश्यकता भी नहीं होती। वे यह सोचने लगते हैं कि फास्ट फूड, आइसक्रीम और कार्बोनेटेड ड्रिंक जैसे अस्वास्थ्य कर भोजन उनके लिए अच्छा है।

माता-पिता को क्या करना चाहिए?


 टीवी के दुष्प्रभावों से बच्चों को बचाने के लिए माता पिता को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए-

1- अपने बच्चों का टीवी देखने का समय निर्धारित करना चाहिए।
 2-अपने बच्चों के साथ बैठकर टीवी देखें ताकि आपको पता रहे कि वे  टीवी पर किस प्रकार के प्रोग्राम देख रहे हैं।
3- यह निश्चित करें कि बच्चे अच्छे टीवी प्रोग्राम ही देखे जो उनके लिए ठीक हो।
4- आप टीवी देखने से संबंधित कुछ नियम बना सकते हैं लेकिन नियम ज्यादा कठिन न बनाएं नहीं तो इसका नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है।
5- बच्चों को बाहर खेलने जाने के लिए प्रोत्साहित करें जिससे कि उनका टीवी पर से ध्यान हट सके।

 दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को टीवी न देखने दें क्योंकि यह उनके मस्तिष्क के विकास के लिए ठीक नहीं है और साथ ही उनके संज्ञानात्मक विकास में भी बाधा डालता है। यदि आप यह निश्चित कर लें कि आपके बच्चे टीवी पर अच्छे प्रोग्राम देख रहे हैं और अपना समय सही प्रकार से व्यतीत कर रहे हैं तो इससे उनकी वृद्धि और विकास सही प्रकार से होगा।

 टीवी देखना हमारी दिनचर्या का एक हिस्सा है और यदि आप थोड़ी सी ज्यादा देखरेख करें और ध्यान दें तो आपका बच्चा टीवी से बहुत कुछ अच्छा सीख सकता है।

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