How to take care of babies during diarrhea / दस्त के दौरान शिशुओं की देखभाल कैसे करें

 बच्चों में डायरिया का नाम सुनते ही हम सब घबरा जाते हैं। क्या आप भी अपने बच्चे में डायरिया से परेशान हैं? कि बच्चे को क्या दें? क्या खिलाए जो उसे थोड़ा आराम मिले? तो आइए आपकी इस परेशानी को थोड़ा कम किया जाए और बताया जाए कि डायरिया क्या है? बच्चों को यह क्यों होता है? और अगर हुआ है तो बच्चे की देखभाल कैसे करनी है?


मां-बाप होना आसान काम नहीं है क्योंकि बच्चा जब तकलीफ में होता है तो हर माता-पिता परेशान हो जाते हैं। कहीं मन नहीं लगता, बस इतना ही मन होता है कि बच्चा बस ठीक हो जाए और वापस हंसने खेलने लगे। क्योंकि जब बच्चे बीमार होते हैं तो घर में एक अजीब सा उदासी का माहौल हो जाता है। डायरिया एक ऐसी बीमारी है जिसमें अच्छे अच्छे इंसान कमजोर पड़ जाते हैं, शरीर में खड़े होने तक की क्षमता नहीं होती तो फिर सोचिए एक छोटा बच्चा बेचारा कितना परेशान होता होगा। अगर सामान्य रूप से भी कभी पेट खराब होता है तो कितनी समस्याएं आ जाती है लेकिन डायरिया में पेट खराब होने के साथ और भी दिक्कतें होती हैं जो हम आपको आज के इस लेख में बताएंगे।


तो आइए जानते हैं-

डायरिया होने पर बच्चों का ध्यान कैसे रखें?
(How to take care of the baby during diarrhea)

* डायरिया क्या है?
सर्वप्रथम यह जानना जरूरी है कि डायरिया क्या है और कैसे पता चलता है कि यह सामान्य स्थिति से अलग है और बच्चे को डायरिया हुआ है। इसमें बच्चे को बैक्टीरियल इनफेक्शन की वजह से दस्त होते हैं, पेट में ज्यादा दर्द होता है, पेट में मरोड़ पढ़ते हैं, उल्टियां होती हैं, ज्यादा गंभीर स्थिति में दस्त के साथ खून भी आता है। जब ज्यादा दस्त होने लगते हैं तो बच्चों के शरीर में पानी की कमी हो जाती है जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा भी बढ़ जाता है।

हंसते खेलते बच्चे डायरिया की वजह से इतना कमजोर हो जाते हैं कि उनका उठना बैठना भी मुश्किल हो जाता है। बच्चों को डायरिया होने के काफी कारण होते हैं, जैसे- बाहर का खाना खाने की वजह से पेट में इंफेक्शन हो जाता है या कोई खाने से बच्चों को एलर्जी हो और आपने भी ध्यान न दिया हो या उस एलर्जी के बारे में आपको भी ना पता हो, तो यह भी एक वजह हो सकती है। या फिर आप बच्चे को कोई दवाई दे रही हों और कोई किसी एंटीबायोटिक दवा उसे नुकसान कर जाए, उसकी वजह से पेट में इन्फेक्शन उल्टी या दस्त होने लगते हैं तब भी डायरिया हो जाता है और इसे एंटीबायोटिक डायरिया(antibiotic diarrhoea) भी कहते हैं। यदि बच्चे को आप कोल्ड ड्रिंक, डिब्बा बंद जूस पिलाती हैं तो उसमें फ्रुक्टोज और सुक्रोज की मात्रा ज्यादा होने से भी बच्चे का पेट खराब हो जाता है। एक वज़ह गरम वातावरण भी है और यह भी अक्सर देखने को मिलता है कि ज्यादा गर्मी होने की वजह से दस्त और उल्टियां शुरू हो जाती हैं और डायरिया में बदल जाती हैं।

ज्यादा दस्त आने के कारण बच्चों के शरीर में पानी की कमी हो जाती है जिससे बच्चे बहुत ज्यादा कमजोर हो जाते हैं और कोई माता-पिता अपने बच्चे को दर्द में और परेशान होते नहीं देख सकते और सोचते हैं कि ऐसा क्या करें जो बच्चे को आराम मिले। ऐसे में सबसे पहले तो आप बच्चे को डॉक्टर के पास लेकर जाएं व उनकी बताई गई दवाओं को दीजिए। उसके साथ ही बच्चे की घर पर कैसे देखभाल करनी है क्या खिलाना है यह अब हम आपको बताएंगे जिससे कि वह जल्द से जल्द ठीक हो जाए।

* ORS (Oral rehydration solution)

डायरिया में बच्चों को पानी की कमी होने के कारण डिहाइड्रेशन हो जाता है तो डॉक्टर से ओ आर एस का घोल बच्चों को देने के लिए कहते हैं। इसे पानी में मिलाकर हर 15 मिनट में दो दो चम्मच बच्चे को पिलाते रहिए। यह एक साल से ऊपर के बच्चे को ही दिया जाता है। तो यह भी आप डॉक्टर से जरूर पूछिए और तब ही बच्चे को दीजिए।

अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसे में बच्चा कुछ नहीं पीना चाहता है तो उसे या घोल कैसे पिलाएंगे। चम्मच से दवा की तरह या गोल थोड़ा-थोड़ा पिलाएंगे तो बच्चा भी पी लेगा। ओआरएस शरीर में नमक, चीनी और पानी की कमी को पूरा करता है जिससे बच्चे को डिहाइड्रेशन से बचाया जा सकता है।

* नमक और चीनी का पानी

इसका दूसरा उपाय है नमक चीनी का पानी। पानी में नमक और चीनी मिलाकर पिलाने से भी काफी आराम मिलता है। यह ORS का घरेलू विकल्प है। अक्सर जब गर्मी में हमें लू लगती है या गर्मी की वजह से उल्टी या दस्त होने लगते हैं, तो शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखने के लिए नमक चीनी का घोल बना कर दिया जाता है। ठीक उसी प्रकार से बच्चे को भी आप यह दे सकती हैं लेकिन 2 साल से ऊपर बड़े बच्चे को ही दें क्योंकि इससे छोटे बच्चे को हम नमक और चीनी ज्यादा नहीं दे सकते।


* नारियल पानी 
(Coconut Water)

डायरिया में बच्चे को दस्त इतने ज्यादा होते हैं कि बच्चे के शरीर में पानी की कमी हो जाती है और नारियल पानी में ढेर सारे antioxidant होते हैं और यह पेट में सूजन और गर्मी को भी कम करता है। नारियल पानी, पानी की कमी को खत्म करने का रामबाण इलाज है। इसलिए कोशिश करिए थोड़ा ही सही पर चम्मच से बच्चे को पिलाते रहिए। लेकिन एक बात का ध्यान रखना है कि नारियल जो बाजार में हरा वाला मिलता है वह नारियल पानी देना है, रेडीमेड डिब्बा या बोतल वाला नारियल पानी बच्चे को नहीं देना है क्योंकि उसमें preservatives होते है जो बच्चे को नुकसान कर सकते हैं।

 * सफाई का ध्यान रखें
 (Maintain hygiene)

 यह बहुत जरूरी है कि बच्चे के साथ-साथ सफाई रखी जाए क्योंकि छोटे बच्चों को इन्फेक्शन बहुत ही जल्दी हो जाता है।

* बच्चे का आहार
(Diet for kids)

इसके बाद अगर हम बच्चे की खाने की बात करें तो ऐसे में तो बच्चों तो कुछ भी खाते पीते नहीं है क्योंकि वह पहले से इतने कमजोर और परेशान हो चुके होते हैं कि अपनी तबीयत से लेकिन फिर भी उन्हें थोड़ा बहुत खिलाना बहुत जरूरी है। वैसे भी दवाई भी तभी असर करेगी जब बच्चा खुद भी कुछ खाएगा। इसलिए वह चीजें खिलाए जो बच्चे के पेट को आराम दे और उसके दस्त कम करें ताकि उसे थोड़ा आराम मिले, जैसे- केला। केले में फाइबर बहुत अच्छी मात्रा में होता है जो दस्त को कम करता है। जब बच्चे को ज्यादा दस्त होते हैं तो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट की कमी हो जाती है तो केला उसकी कमी को पूरा करता है। साथ ही केले में भरपूर ऊर्जा होती है और बच्चे को इससे थोड़ी ताकत मिलती है। इसके अलावा आप सेब भी बच्चे को खिला सकते हैं। आप बच्चे को सेब काटकर या पीसकर भी दे सकते हैं ताकि बच्चा आसानी से खा ले। सेब में प्रोटीन और आयरन बहुत अच्छी मात्रा में होता है और यह शरीर में पानी की कमी को भी पूरी करता है। इसके अलावा फाइबर से भरपूर भोजन जो पेट और पाचन को अच्छा रखें, बच्चों को दें। BRAT diet यानी केला(Banana), चावल(Rice), सेब(Apple) व टोस्ट(Toast) पाचन तंत्र के लिए बहुत ही अच्छी होती है। इसके अलावा बच्चे को साबूदाना खीर भी खिला सकती हैं यह कैसे बनाना है इसकी रेसिपी के लिए आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर सकते हैं।


* Food to avoid during diarrhea

कुछ चीजें जो डायरिया में बच्चों को बिल्कुल भी नहीं देनी चाहिए, जैसे- दूध, तला हुआ भोजन, मसालेदार खाना, पैकेट बंद खाना, चिप्स, नमकीन, फल जैसे- संतरा, मुसम्मी। इसके अलावा कोल्ड ड्रिंक या रेडीमेड जूस भी नहीं देना चाहिए। बच्चों को ज्यादा मीठी चीजें देने से भी बचें क्योंकि ज्यादा मीठा डायरिया को और बढ़ा सकता है।

छोटे बच्चे जब पेट समस्या की वजह से बीमार होते हैं तो हमें उनके खाने पीने का बहुत ध्यान रखना चाहिए। जब आप डॉक्टर के पास जाएं तो हर छोटी से छोटी बात डॉक्टर से पूछे हैं ताकि कुछ भी ऐसा न हो जिससे बच्चे की तबीयत बिगड़े। अक्सर माता-पिता डॉक्टर से खुलकर बात नहीं करते, बस दवा लेकर चले आते हैं, जिससे बच्चा क्यों बीमार है? क्या चीज उसे नहीं देनी है? इस बात की कोई जानकारी डॉक्टर से नहीं लेते हैं। जब भी आपको लगे कि बच्चे को उल्टी हुई है या दस्त आने शुरू हो गए हैं तभी से ही बच्चे को BRAT Diet दें और पानी की मात्रा उसके आहार में बढ़ाएं ताकि diarrhoea जैसी समस्या बच्चे को न झेलनी पड़े।


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