9 Home remedies for menstrual cramps/ मासिक धर्म में दर्द के लिए 9 घरेलू उपचार

 पीरियड्स के दर्द में आराम दिलाएंगे ये घरेलू उपाय -

(Home remedies for menstrual cramps)

क्या आपको भी पीरियड्स में पेट, कमर, जांघो और पैरों में दर्द होता है? या इससे भी ज्यादा दिक्कतें आती हैं? 

आज के इस लेख में हमने आपको पीरियड्स में होने वाली दर्द की वजह और उनसे छुटकारा पाने के लिए कुछ ऐसी टिप्स दी हैं कि आपके पीरियड आराम से निकल जाएंगे और आपको इतनी दिक्कतें भी नहीं झेलनी पड़ेगी।

कई बार आप सोचती होंगी और हम सब की मां ने भी यही बताया है कि पीरियड में दर्द तो होना ही है फिर वह ज्यादा हो या कम यह तो हर लड़की को झेलना ही पड़ता है और हम लड़कियां भी इसे सामान्य समझकर झेलते रहते हैं या बहुत दर्द होता है तो दवा खा लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज्यादा दर्द होना भी एक समस्या है? 


Menstrual cramps, पीरियड्स में आना बहुत सामान्य बात है क्योंकि जब पीरियड्स होते हैं तो हमें uterus में contraction होता है यानी uterus में सिकुड़न आती है उसी की वजह से पेट में निचले हिस्से में और कमर में 2 से 3 दिन दर्द बना रहता है। तो वहीं कुछ लड़कियां और महिलाएं ऐसी भी हैं जिन्हें पीरियड्स में चक्कर आना, दर्द बहुत ज्यादा होना, जांघ से पैर तक दर्द, ब्रेस्ट में बदलाव, पसीना आना और कमज़ोरी महसूस होना ये सब भी झेलना पड़ता है। अगर आपको लगता है कि यह सब प्राकृतिक है तो ऐसा बिकुल भी नहीं है। सच मानिए तो ये दिक्कतें हम ख़ुद बढ़ाते हैं अपने लिए, अपने ही शरीर पर ध्यान न देकर। आप सब जानते हैं कि पीरियड्स में जितनी  समस्याएं होंगी उतनी ही दिक्कतें आपको अपनी प्रेगनेन्सी में भी देखनी पड़ेंगी इसलिए पीरियड्स के समय अपनी तकलीफों को अनदेखा न करें। 

पीरियड्स में होने वाले दर्द को काम करने के कुछ घरेलू उपचार :-

तो सबसे पहले हम जानेंगे कि मेंस्ट्रूअल क्रैंप्स आते क्यों हैं? यानी पीरियड्स में दर्द क्यों होता है? पीरियड्स में ब्लीडिंग होती है तो हमारे utrus से जो मांसपेशियां जुड़कर पेल्विक से मिलती हैं, उसमें बार-बार expansion और contraction होता है।

 Pelvic खुलता और बंद होता रहता है जिसकी वजह से ऐठन होती है यानी दर्द होता है। कुछ महिलाएं और लड़कियों को कम दर्द होता है, तो कुछ को इतना ज़्यादा कि वह ठीक से खड़ी तक नहीं हो पाती। यह जो Menstrual cramps है यह दो तरह का होता है- एक Primary pain, जिसमें पेट में, जांघ में, कमर में और पैरों में दर्द होता है और दो दिन में ठीक हो जाता है, जो कि सामान्य सी बात है।

 दूसरा है Secondary Pain, यह दर्द 20 साल से ऊपर की उम्र में होता है l इसमें दर्द पीरियड्स में ही नहीं बल्कि पीरियड्स आने से 5 दिन पहले शुरू हो जाता है और पीरियड खत्म होने के बाद ही बना रहता है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए क्योंकि हो सकता है कि utrus में कोई समस्या हो और अभी इलाज  हुआ तो बाद में समस्या बढ़ सकती है।

आइए जानते हैं कुछ घरेलू उपचारों के बारे में जिसे अगर आप प्रयोग में लाती हैं तो आपको माहवारी में होने वाले दर्द और साथ ही शारीरिक समस्याओं से काफी आराम मिलेगा।

(1) Add iron and calcium in your diet
भोजन में आयरन और कैल्शियम को शामिल करना करें :-

अक्सर पीरियड्स में ज्यादा दर्द इस लिए भी होता है कि हमारे शरीर में कैल्शियम और आयरन की कमी होती है। अगर हम कैल्शियम की बात करें तो जिन लड़कियों और महिलाओं की कमर, जांघो, पैरों में दर्द होता है तो उसकी वजह कैल्शियम की कमी ही है। क्योंकि पीरियड्स के समय utrus, expand aur contract होता है तो कमर से पैरों की हड्डियों तक भी असर पड़ता है और आयरन की अगर बात करें तो पीरियड्स में जितनी जिन्हें ब्लीडिंग ज्यादा होती है और दर्द भी बहुत होता है, उन्हें आयरन की कमी भी जल्दी होती है और शरीर भी कमजोर हो जाता हैै। इसलिए आयरन और कैल्शियम अपनी डाइट में अच्छी मात्रा में लें ताकि periods के समय आपको ज्यादा दर्द न हो।


(2) Use hot water bag
गर्म पानी की बोतल का प्रयोग:-

पीरियड्स के दर्द से राहत पाने के लिए आप गर्म पानी के बैग से सिकाई करिए। इससे दर्द में काफी राहत मिलती है और शरीर को भी आराम मिलता है। पीरियड्स के 3 दिन जितना हो सके नहाने से बचें और बालों को भी 3 दिन बाद ही धोएं। कई महिलाएं पहले या दूसरे दिन ही बाल धो लेती हैं जो कि बाद में समस्या खड़ी कर सकता है। इससे utrus में सूजन आ जाती है और गर्भावस्था में डिलीवरी के समय काफी कठिनाई आती है इसलिए 3 दिन बिल्कुल भी बालों को न धोए।

(3) Avoid oily and spicy food
तला भुना खाना खाने से बचें:-

ज्यादा तेल और मसालेदार खाने को पचने में समय लगता है और पीरियड्स के समय हमारा शरीर कमजोर होता है और वह भारी खाना पचा नहीं पाता जो कि काफी समय तक शरीर में रह जाता है और पेट में दर्द को भी बढ़ा देता है। इसलिए पीरियड्स के समय कम मिर्च मसाले वाला सादा और हल्का खाना खाएं ताकि हमारा शरीर उसे पचा पाए। इसके अलावा खट्टी चीजों जैसे अचार, रसदार फल जैसे- संतरा, मुसम्मी या फिर कच्चा आम या इमली इन सब से भी बचें क्योंकि इन में सोडियम ज्यादा होता है जो कि दर्द को बढ़ाता है।

(4) Control your craving for sugar
 ज्यादा मीठी चीजें ना खाएं :-

 कई बार पीरियड्स के समय लड़कियों और महिलाओं को मीठा खाने का बहुत मन करता है। क्योंकि पीरियड्स के दौरान हार्मोन में बदलाव आते हैं और आपका मूड भी खराब रहता है, चिड़चिड़ापन आने लगता है और मीठा खाने का भी मन होता है। लेकिन अगर आप का बहुत मन है तो थोड़ा मीठा खा सकती हैं लेकिन ज्यादा नहीं क्योंकि हारमोंस में बदलाव के कारण मीठा ज्यादा खाने से शुगर लेवल बढ़ सकता है इसलिए मीठी चीजों को खाने से बचें।

(5)Drink ajwain water
अजवाइन का पानी पिए:-

अजवाइन की तासीर गर्म होती है और अजवाइन का पानी पीने से utrus की मांसपेशियों को गर्माहट मिलती है और दर्द में भी कमी आती है। वैसे भी पीरियड्स में ठंडे पानी का सेवन नहीं करना चाहिए और पानी ही नहीं बल्कि हर वह चीज, जिस की तासीर ठंडी होती हैै, का सेवन पीरियड्स में बिल्कुल नहीं करना चाहिए क्योंकि ठंडी चीजों से utrus में सूजन आ जाती है और यह भविष्य में समस्या उत्पन्न कर सकती हैै।
 आप एक गिलास पानी में आधा चम्मच अजवाइन डालकर गर्म करके पिएं तो काफी आराम मिलेगा और गर्म चीजों से शरीर की सारी गंदगी रक्त के द्वारा निकल जाती है और हमारा शरीर डिटॉक्स हो जाता है।



(6) Drink Tulsi and Ginger Tea
तुलसी और अदरक की चाय:-

 अगर आप चाय पीती हैं तो पीरियड्स के दर्द को कम करने के लिए अदरक और तुलसी की चाय भी पी सकती हैं। अदरक में anti inflammatory गुण होते हैं जो पीरियड में utrus में हो रही सूजन को कम करते हैं और शरीर को गर्म रखते हैंं। तुलसी एक प्राकृतिक दर्द निवारक है तो यह भी आप चाय में डालकर पीती हैं तो दर्द में आराम मिलेगा। अगर आप चाय नहीं पीती हैं तो एक इंच अदरक कुटी हुई और 7-8 तुलसी के पत्ते पानी में उबालकर वही पानी चाय की तरह पीने से भी दर्द में राहत मिलेगी।

(7) Add papaya in your diet
पपीते का सेवन करें:-

पपीते में कुछ ऐसे तत्व होते हैं जो पीरियड्स में हो रही ब्लीडिंग के प्रभाव को सामान्य रखते हैं और उसके कारण से भी दर्द में काफी आराम मिलता है तो पीरियड्स के समय पपीता जरूर खाएं।

(8) Drink turmeric milk
हल्दी वाला दूध पिया पिएं:-

 हल्दी वाला दूध हर दर्द और मर्ज का रामबाण इलाज है। हल्दी में anti-inflammatory, anti-bacterial और antiseptic गुण होते हैं जो की शरीर का दर्द हो या घाव दोनों में ही फायदा करती हैं और पीरियड्स में भी अगर रात में सोने से पहले एक गिलास हल्दी वाला गर्म दूध पिएंगे तो आपको दर्द में काफी आराम मिलेगा।

(9) If possible then use menstrual cup in the place of pads and tampons
यदि संभव हो तो पैड्स के स्थान पर मेंस्ट्रूअल कप का प्रयोग करें:-


मेंस्ट्रूअल कप के बारे में आप में से काफी लोग शायद न जानते हो लेकिन अगर आप sanitary napkin और tampons की जगह मेंस्ट्रूअल कप का प्रयोग करती हैं तो आपको इतना दर्द होगा ही नहीं। जब आप इसे vagina में insert करके pelvic में लगाती हैं तो pelvic, expand नहीं करती और ऐंठन बहुत कम हो जाती है। जब आप पैड यूज करती हैं तो आपको गीलापन, दाने यह सब महसूस होता है और कहीं ना कहीं यह मनोवैज्ञानिक होता है कि ऐसे में आपको दर्द हो लेकिन जब आप मेंस्ट्रूअल कप का प्रयोग करती हैं तो आपको पता ही नहीं चलता कि आपके पीरियड्स हो रहे हैं क्योंकि ब्लड सीधे कप में आकर जमा हो जाता है और पांच 6 घंटे बाद या अगर आपको ब्लीडिंग कम होती है तो साथ 8 घंटे बाद आप उससे निकालकर सारा ब्लड हटा देती हैं और उसे धो कर वापस लगा लेती हैं। तो कहीं ना कहीं आप ही इस बात से सहमत होंगे की पैड लगाना भी हमें पीरियड्स होने का एहसास कराता है और सबसे अच्छी बात यह है कि एक कप काफी समय तक चलता है, 6 महीने से 1 साल तक की लाइफ हो सकती है। यह गुणवत्ता (quality) और ब्राड (brand) पर निर्भर करता है। तो जब आप इसे खरीदे तो उसमें इन बातों का ख्याल जरूर रखें। साथ ही इससे आपका हर महीने सेनेटरी पैड खरीदने का खर्चा भी कम हो जाएगा इसलिए मैं आपसे फिर से कहती हूं कि आप यह कप का प्रयोग जरूर करें, खासकर वह महिलाएं जो ऑफिस जाती हैं ताकि उनको परेशानी न हो। 

 यह थे कुछ घरेलू उपचार जोकि पीरियड्स में होने वाले दर्द को काम करने में बहुत ही सहायक हैं और आप इन्हें एक बार जरूर अपनाएं।

 पहले के लोग बोलते थे कि पीरियड्स में किचन में न जाओ, काम न करो, एक जगह बैठे रहो इस बात का बस यही मतलब था कि ऐसे में हमारा शरीर कमजोर होता है, तो लड़कियों और महिलाओं को आराम करना जरूरी होता है। लेकिन आजकल के लोग इसे भी अंधविश्वास से जोड़ लेते हैं जो कि गलत है। इसलिए आप भी पीरियड्स में अपने शरीर को आराम दीजिए अच्छे से खाएं पिएं ताकि आपको चक्कर और कमजोरी न आए और दर्द को कम करने के लिए हमारे बताए घरेलू नुस्खे अपनाएं।

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